भले सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले में १०० साल लगा दे फैसला हमारे पक्ष में ही आयेगा – सुब्रह्मण्यम स्वामी

अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई फिर से टल गई है। जस्टिस ललित द्वारा बेंच से खुद को अलग करने की इच्छा जताने के बाद सीजेआई ने कहा कि जस्टिस ललित अब इस बेंच में नहीं रहेंगे, लिहाजा सुनवाई को स्थगित करनी पड़ेगी।

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  • अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में एकबार फिर से सुनवाई टल गई है
  • जस्टिस ललित के बेंच से अलग होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी की नई तारीख तय की
  • जस्टिस ललित की जगह पर अब नए जज को संविधान पीठ में किया जाएगा शामिल
  • वकील राजीव धवन ने कहा था कि जस्टिस ललित जब वकील थे तो 1997 में कल्याण सिंह के लिए पेश हुए थे

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई है। आज जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, सीजेआई ने स्पष्ट किया कि आज शेड्यूल पर फैसला होगा न कि मामले की सुनवाई होगी। जल्द ही मामले में तब बड़ा मोड़ आ गया, जब 5 सदस्यीय संविधान पीठ में शामिल जस्टिस यू. यू. ललित ने बेंच से खुद को अलग कर लिया। आखिरकार, बेंच ने बिना किसी सुनवाई के इस मामले में 29 जनवरी को अगली तारीख मुकर्रर कर दी।

बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा की भले सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने में १०० साल लगा दे पर फैसला हमारे ही पक्ष में आएगा. उन्होंने आगे कहा की सुप्रीम कोर्ट सुन्नी वक्फ बोर्ड के किये साधारण जमीन के मालिकाना अधिकार को हमारे राम जन्म भूमि पर प्रार्थना करने के मौलिक अधिकार से बड़ा नहीं मान सकता है.

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